मानसून के मौसम में छोटे बच्चों में मानसिक बीमारी का ज्यादा होते हैं खतरा, जानें लक्षण और बचाव के उपाय

small kids are at greater risk of mental illness during monsoon season
मानसून के मौसम में छोटे बच्चों में मानसिक बीमारी का ज्यादा होते हैं – फोटो @parenting.firstcry.com

मानसून के मौसम में बच्चों में वायरल इंफेक्शन जैसे सर्दी—जुकाम, खांसी और वायरल फीवर का खतरा अधिक रहता है। वहीं इस मौसम में मच्छरों के कारण डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और जीका वायरस जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा भी अधिक रहता है। इसके अलावा मानसिक बीमारी ऐस्ट्राफोबिया का खतरा भी बहुत अधिक बढ़ने लगता है।

ऐस्ट्राफोबिया एक मानसिक रोग है, इसमें बच्चे बिजली की चमक, बादल की गरज और आंधी तूफान से डरने लगते है। इस दौरान वह अजीब हरकतें करने लगता है। जैसे खुद को कमरे में बंद कर लेना, अपने कानों को उंगली से बंद कर लेना, डर के कारण वह बहार नहीं निकलते है।

ख़राब मौसम में बच्चे तो बच्चे बड़ों की भी मानसिक और शारीरिक स्थिति भी खराब होने लगती है। डर के कारण चीखना चिल्लाने भी लगता है। जबकि कई मौकों पर रोने भी लगता है। डर से पूरा बदन कापना जैसी हरकत भी कर सकते हैं। आमतौर पर यह बीमारी बच्चों में अधिक होती है। अगर इसका समय पर उपचार नहीं किया जाये तो यह अवसाद का रूप ले लेता है।

आइए, ऐस्ट्राफोबिया के बारे में विस्तार से जानते हैं-

ऐस्ट्राफोबिया क्या है

ऐस्ट्राफोबिया ग्रीक भाषा के दो शब्दों से मिलकर बना है। इसमें ऐस्ट्रा अर्थात आकाशीय बिजली की चमक और फोबिया अर्थात डर है। इस बीमारी में बच्चे और बड़े आकाश में होने वाली घटना जैसे बिजली चमकना, अंधेरा छा जाना आदि से बच्चे जोर-जोर से चीखने और रोने लगते हैं।

ऐस्ट्राफोबिया के लक्षण

बच्चों में यह बीमारी अधिक पाई जाती है। इसके लक्षण है – पसीना आना, थरथराना, चीखना, रोना, चक्कर आना, डरा हुआ महसूस करना, हृदयगति तेज़ चलना आदि है। अगर बच्चे या कोई भी व्यक्ति अकेला है तो उसके लिए यह काफी खतरनाक हो जाता है। इससे बचने के लिए व्यक्ति उस जगह पर छिप जाता है, जहां वह खुद को सुरक्षित महसूस करता है। कई बार व्यक्ति बिस्तर में छिप जाता है।

ऐस्ट्राफोबिया के उपचार

इसके उपचार के लिए मनोविज्ञान का सहारा लेना पड़ सकता है। चूंकि यह एक अवसाद रोग है। इसलिए ऐस्ट्राफोबिया का उपचार मनोवैज्ञानिक ही करते हैं। इसका इलाज कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी के जरिए किया जाता है। इस थेरेपी में व्यक्ति को आकाशीय घटना के समय कैसा लगता है और उसे उस समय क्या करना चाहिए। इस बारे में बताया जाता है। निरंतर कठिन अभ्यास के बाद इस फोबिया से मुक्ति मिल जाती है।

नोट: स्टोरी के टिप्स और सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। अगर ऐसे लक्षण दिखाई दे तो किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह लें।

One thought on “मानसून के मौसम में छोटे बच्चों में मानसिक बीमारी का ज्यादा होते हैं खतरा, जानें लक्षण और बचाव के उपाय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *