मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन नहीं रहे

उत्तरप्रदेश बीजेपी के दिग्गज नेता ने ली लखनऊ के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस

Madhya-Pradesh-CM-Shri-Lalji-Tandon-passes-away-at-the-age-of-85
मध्य प्रदेश के 85 वर्षीय राज्यपाल लालजी टंडन का उत्तर प्रदेश के लखनऊ मेदांता अस्पताल में निधन हो गया – फोटो @jagran.com

21 जुलाई 2020,मंगलवार को मध्य प्रदेश के 85 वर्षीय राज्यपाल लालजी टंडन का उत्तर प्रदेश के लखनऊ मेदांता अस्पताल में निधन हो गया।

पीटीआई द्वारा ये बताया गया कि लालजी टंडन को बुखार और मूत्र संबंधी समस्याओं की शिकायत के बाद 13 जून को लखनऊ में भर्ती कराया गया था। दो दिन बाद,मेदांता अस्पताल के निदेशक, प्रो राकेश कपूर की जानकारी के अनुसार लालजी के लीवर की खराबी के लिए एक छोटी शल्य प्रक्रिया शुरू की थी,जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई जिसकी बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था।

ANI ने बताया की लालजी के निधन की पुस्टि उनके पुत्र आशुतोष टंडन ने ट्वीट कर दी। आशुतोष ने आगे कहा कि उनके पिता का अंतिम संस्कार आज शाम उत्तर प्रदेश के लखनऊ में COVID-19 के दिशानिर्देशों के अनुसार किया जाएगा। लालजी के पार्थिव शरीर को शुरू में हजरतगंज में उनके सरकारी आवास पर रखा जाएगा और बाद में चौक स्थित सिंधी टोला निवास पर ले जाया जायेगा, जहा लोग उनके अंतिम दर्शन कर लालजी को भावभीनि श्रद्दांजलि दे सकेंगे।

अंतिम शव यात्रा शाम 4:00 बजे गुलाला घाट के लिए शुरू होगी, जहाँ उनका अंतिम संस्कार आज शाम को किया जाएगा।

लालजी टंडन का जन्म 12 अप्रैल 1935 को लखनऊ के चौक गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम शिवनारायण टंडन और माताजी का नाम अन्नपूर्णा देवी था । उन्होंने कालीचरण डिग्री कॉलेज से स्नातक किया और 26 फरवरी 1958 को कृष्णा टंडन से विवाह किया जिस से उनके 3 पुत्र है।

राजनीति में रुझान के कारण उत्तर प्रदेश की राजनीति में सराहनीय काम किया। आइये डालते है उनके राजनीतिक सफर पर एक नज़र –

  • 1978-84 एवं 1990-96 – उत्तर प्रदेश विधान परिषद (विधान परिषद) के सदस्य।
  • 1996 -2009 – 3 बार विधान सभा (एमएलए) के सदस्य ।
  • 2003-2007 – विपक्ष के नेता के तौर पर विधान सभा में रहे ।
  • 2009-2014 – लोकसभा सांसद ।
  • अगस्त 2018 – जुलाई 2019 – 28 वे बिहार के राज्यपाल ।
  • जुलाई 2019 – जून 2020 – 22 वे मध्य प्रदेश के राज्यपाल ।

राजनीतिक उपलब्धियां –

मायावती वाली उत्तर प्रदेश सरकार में  शहरी विकास मंत्री के रूप में भी काम किया था, जब बसपा-भाजपा गठबंधन सत्ता में बनी तो उसमे सीएम कल्याण सिंह के मंत्रिमंडल में भी। 15 वे लोकसभा चुनावो में कांग्रेस उम्मीदवार रीता बहुगुणा जोशी को 40,000 वोटो से हराया और बिहार के राजयपाल के तौर पर राज्य के विश्वविद्यालयों की अकादमिक गतिविधियों को व्यवस्थित करने के लिए उनकी सराहना की गई ।

लालजी टंडन की खबर मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर शोक जताया और लिखा “श्री लालजी टंडन को समाज की सेवा के उनके अथक प्रयासों के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में भाजपा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने एक प्रभावी प्रशासक के रूप में अपनी पहचान बनाई, हमेशा लोक कल्याण को महत्व दिया। उनके निधन से नाराज हु।”

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने टंडन की मृत्यु पर शोक जताया और कहा, “मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री लाल जी टंडन के निधन में, हमने एक महान नेता को खो दिया है, जो लखनऊ के सांस्कृतिक परिष्कार और एक राष्ट्रीय गतिरोध के सांस्कृतिक मिश्रण को मिलाते हैं। मैं उनकी मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त करता हूं। मेरी हार्दिक संवेदना है। उनके परिवार और दोस्तों के लिए। ”

साथ ही केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने लालजी टंडन के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि, “श्री लालजी टंडन के निधन के बारे में सुनकर मैं व्यथित हूं। एक शूरवीर, बाबूजी ने कई युवाओं के लिए मार्ग प्रशस्त करने में मदद की, हमारी वैचारिक यात्रा पर हमारा मार्गदर्शन किया। मेरी संवेदना।” । गोपाल भैया और परिवार को। ओम शांति। “

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को टंडन की खराब स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए मध्य प्रदेश का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया था।

3 thoughts on “मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन नहीं रहे

  1. श्रीलालजी टंडन के स्वर्ग वास पर हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *