कारगिल विजय दिवस 2020: ऐ मेरे वतन के लोगो ज़रा आँख में भर लो पानी,जो शहीद हुए है उनकी जरा याद करो क़ुर्बानी

We remember that sacrifice on Kargil Vijay Day 2020
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कारगिल विजय दिवस 2020 – हमे याद है वो कुर्बानी

कारगिल विजय दिवस 2020 – हमे याद है वो कुर्बानी – फोटो @adgpiTwitter

आज है 26 जुलाई 2020,आज के दिन को भारतीय इतिहास में सुनहरे अक्षरों से लिखा गया था । आज से ठीक 21 साल पहले यही वो दिन था जब भारतीय सेनाओं ने कारगिल में घुस उन सभी भारतीय चौकियों पर फिर से मुक्त कराया था,जिन पर पाकिस्तानी घुसपैठियों ने कब्जा कर रखा था।

यह दिन भारतीय सैनिको के पराक्रम,शौर्य और बलिदान का गवाह है ,जिसे हर साल आज के दिन कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है ।
कारगिल युद्ध से जुडी कुछ महत्वपूर्ण बाते –
किसके बीच लड़ा गया ?
कारगिल का युद्ध भारतीय सेना और पाकिस्तानी घुसपैठियों के बीच लद्दाख क्षेत्र के कारगिल और द्रास क्षेत्र में लड़ा गया ।
कब लड़ा गया ?
3 मई 1999 – 26 जुलाई 1999 तक यानि 2 महीने 3 हफ्ते और 2 दिन तक

क्यों लड़ा गया ?
पाकिस्तानी घुसपैठियों ने भारतीय सीमाओं में घुस लद्दाख क्षेत्र के कारगिल और द्रास क्षेत्र और LOC के आस पास के क्षेत्रों में पाकिस्तानी घुसपैठियों द्वारा ऊँची पहाड़ियों और रणनीतिक स्थानों पर किये कब्जे को छुड़ाने के लिए लड़ा गया।

कैसे लड़ा गया?
कारगिल युद्ध को हम तीन प्रमुख चरण में समझ सकते है ।
सबसे पहले,पाकिस्तान ने कश्मीर के भारतीय-नियंत्रित हिस्से में सेनाओं की घुसपैठ की और रणनीतिक स्थानों पर कब्जा कर लिया,जिससे वह अपने तोपखाने को सीमा के भीतर NH1 को लाने में सक्षम हो सका।
अगले चरण में भारत की घुसपैठ का पता चला और इसका जवाब देने के लिए सेना जुटाई।
अंतिम चरण में भारतीय और पाकिस्तानी सेना द्वारा युद्ध हुआ,जिसमे भारतीय सेना ने पाकिस्तान सेना समर्थित घुसपैठियों को हटाने के लिए कारगिल और द्रास क्षेत्रों के बटालिक, जुबेर, मुशको, टॉलोलिंग, खलुहार और तुर्तुक सेक्टरों की बुलंद चोटियों पर आम तौर पर रात में हमले शुरू किए। जिसके परिणामस्वरूप भारत ने अधिकांश क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया और बाद में अंतर्राष्ट्रीय दबाव के चलते LOC के पार पाकिस्तानी बलों की वापसी हुई थी।

भारतीय सेना द्वारा क्या कार्यवाई की गयी ?
भारतीय सेना ने 6 जून को ‘ऑपरेशन विजय’ लॉन्च किया । भारतीय वायु सेना (IAF) ने कारगिल-द्रास सेक्टर में बर्फीले ऊंचाइयों को फिर से हासिल करने के लिए भारतीय सेना की सहायता करने के लिए ऑपरेशन ‘सफ़ेद सागर’ चलाया। भारतीय नौसेना ने कारगिल युद्ध के दौरान एक रणनीतिक भूमिका निभाई, जिसमें पाकिस्तान के बंदरगाहों, विशेष रूप से कराची में प्रमुख बंदरगाह को अवरुद्ध करने के लिए ऑपरेशन ‘तलवार’ शुरू चलाया था।

इस युद्ध में हमारे कितने सैनिक शहीद हुए ?
आंकड़ों के अनुसार कारगिल युद्ध में भारतीय सेना के 527 सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए । जिनमे कुछ के नाम है – योगेंद्र सिंह यादव, लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडेय , कैप्टन विक्रम बत्रा, मेजर राजेश सिंह अधिकारी, कैप्टन अनुज नय्यर आदि ।
इंडियन आर्मी आज के दिन सोशल मीडिया का सहारा लेते हुए कारगिल युद्ध के नायकों को याद किया जिन्होंने देश के लिए अपनी जान दी थी और लिखा “ऑपरेशन विजय भारतीय सेना के बहादुर सैनिकों के साहस, वीरता और बलिदान की गाथा है। 26 जुलाई को हमारे सैनिकों के दृढ़ निश्चय और साहसी नेतृत्व और अदम्य साहस के लिए याद किया जाएगा।”

आज हमे फक्र है की हम उस देश में पैदा हुए जहा देश की शान पर बात आने पर हँसते हँसते हमारे सैनिक और सेना अपनी जान कुर्बान कर देती है ।
हम हमारी जन आवाज़ न्यूज़ की टीम की ओर से आज कारगिल विजय दिवस के दिन सभी शहीदों को नमन करते है ।

2 Comments on “कारगिल विजय दिवस 2020: ऐ मेरे वतन के लोगो ज़रा आँख में भर लो पानी,जो शहीद हुए है उनकी जरा याद करो क़ुर्बानी”

  1. आज 26जुलाई हमारे देश के उन वहादुर रणबांकुरो की कहानी है जिन्होंने अजेय दुर्गम कारगिल की पहाड़ियों पर बैठे पाक दुश्मनों को मार भगाया

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