रूस ने बनाई पहली कोरोना वैक्सीन, अब किया जायेगा पंजीकरण

russian health minister mikhil murashko
रुस के स्वास्थ्य मंत्री म‍िखाइल मुराश्‍को इस भयावह महामारी की वैक्सीन तैयार कर ली है और वैक्‍सीन ट्रायल में सफल रही है, रुस दुनिया की पहली कोरोना वायरस वैक्‍सीन का पंजीकरण 12 अगस्त को करेगा – फोटो @see.news

कब बनेगी कोरोना की वैक्सीन ? कब पाएंगे निजाद कोरोना के भय से ? ये सवाल विश्व के हर व्यक्ति के मन में है, अगर रुस के स्वास्थ्य मंत्री म‍िखाइल मुराश्‍को की माने तो रुस ने इस भयावह महामारी की वैक्सीन तैयार कर ली है और वैक्‍सीन ट्रायल में सफल रही है, रुस दुनिया की पहली कोरोना वायरस वैक्‍सीन का पंजीकरण 12 अगस्त को करेगा और उसके बाद देश में व्‍यापक पैमाने पर लोगों के टीकाकरण का कार्य शुरु करेगा।

WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) की माने तो कोरोना वैक्सीन बनाने के लिए विश्व भर में 21 से ज्यादा क्लिनिकल ट्रायल के चरण में है, जिसमे अमेरिका, भारत, ब्रिटेन, रुस और चीन वैक्सीन डिवेलप करने के बहुत करीब है। रुस द्वारा बनाई गई वैक्सीन को दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन माना जा रहा है, इस वैक्सीन को रुस के स्वास्थ्य मंत्रालय से जुडी एक संस्था गमलेया रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा डिवेलप किया गया है।

रुस के मुताबिक क्लिनिकल ट्रायल में जिन लोगों को वैक्सीन दी गई उन सभी में SARS-CoV-2 के प्रति रोग-प्रतिरोधक क्षमता मिली। क्लिनिकल ट्रायल ४२ दिन पूर्व शुरू किआ गया था, जिसमे स्वेच्छापूर्ण भाग लेने वालों को मास्‍को के बुरदेंको सैन्‍य अस्‍पताल में वैक्सीन दी गई थी, जब ये लोग दोबारा हॉस्पिटल अपने जांच करने पहोचे तो इनकी सघन जांच उपरांत यह पाया गया की सभी में वायरस के प्रति रोग-प्रतिरोधक क्षमता डिवेलप हो गई है।

रूस के रक्षा मंत्रालय द्वारा कहा गया “समीक्षा के पर‍िणामों से यह स्‍पष्‍ट हो जाता है कि वैक्‍सीन लगने की वजह से लोगों के अंदर एक मजबूत रोग प्रतिरोधक प्रतिक्रिया डिवेलप हो गई है।”, उन्होंने यह भी कहा – कि किसी भी वोलंटियर के अंदर किसी भी प्रकार की नकारात्‍मक साइड इफेक्‍ट या परेशानी नहीं पाई गई और वैक्सीन बनाने वाली संस्था अब बड़े पैमाने पर जनता के इस्तेमाल हेतु सरकार से स्वीकृति लेने जा रही है।

रुस ने यह दावा भी किआ है की कोरोना के खिलाफ जंग में वैक्सीन डिवेलप करने में वह सबसे कई महीने आगे है, सफल ट्रायल के बाद अब रुस अपनी बनाई हुई वैक्सीन की प्रभावी क्षमता को परखेगा, रुस चाहता है की वह इसी साल सितम्बर में वैक्सीन डेवलप कर अक्टूबर से टीकाकरण चालू कर दे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *