इंडिया न्यूज़एडीटरस पिक

24 (Parenting Tips): कितना समझते है आप अपने बच्चो को ?

माँ बाप बनना सबसे सौभाग्य की बात है, अपने इस आर्टिकल में हम आपको बहुत ही ज़रूरी पेरेंटिंग टिप्स (Parenting Tips) देंगे जो आपका और आपके बच्चे का बाल्यकाल अविस्मरणीय बना देगा।

Parenting Tips

जब भी कोई माँ – बाप बनता है तब किसी को भी बच्चे को अच्छे से पालने की नाही पूरी जानकारी ना की कोई एक्सपीरियंस होता है, मुख्यतः तब जब आप पति पत्नी अपने माँ – बाप से दूर रहते है, और बच्चे की देखभाल सिर्फ आपके हाथो में होती है। इस समय में पेरेंटिंग टिप्स (Parenting Tips) / जानकारी बहुत ज़रूरी  है, जिस से आपका बच्चा स्वस्थ रहे और उसकी तबियत रह- रह तबियत के ख़राब न हो।

आइये अब हम आपको देते है कुछ पेरेंटिंग टिप्स (Parenting Tips) को आपके बच्चे के लिए है बहुत ज़रूरी –

  1. अगर आप पहली बार मां हैं, तो आपका जो बंधन अपने बच्चे से है, वैसा किसी से नहीं हो सकता तो अपने बच्चे की सबसे मूल्यवान मार्गदर्शक बने ।
  2. अपने हाथों को ठीक से धोएं क्योंकि नवजात शिशुओं में एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली नहीं होती है, इसलिए उन्हें संक्रमण का खतरा होता है। सुनिश्चित करें कि जो भी आपके बच्चे को संभालता है, उसके हाथ साफ हों।
  3. अपने बच्चो से बात करो। उन्होंने 9 महीने तक आपकी आवाज की आवाज सुनी। वे जानते हैं कि आप कौन हैं और यह उन्हें आराम देता है।
  4. उनके साथ अलग अलग मुखर ध्वनियों में बात करें, बच्चो को अलग अलग आवाज़े बहुत अच्छी लगती है, जैसे गाना गाना, सीटी बजाना, आदि ।
  5. बच्चे को हमेसा प्यार करे और मौका मिलते ही cuddle करें, वो बच्चो को गर्माहट पहुँचता है, जिस से उन्हें सुरक्षा के साथ साथ अपनापन भी लगता है।
  6. यदि आप अपने बच्चे के साथ आराम से समय व्यतीत नहीं कर रहे हैं तो इसका मतलब है कि घर के कामोंमें फसे है। आपके व्यंजन, गन्दी चादरें और तौलिया किसी और के लिए या बाद में जब आपके पास अधिक समय तब तक इंतज़ार कर सकता है। पहले 6 सप्ताह इतनी जल्दी चले जाएंगे, आपको अपने बच्चे के साथ घर के काम न कर पाने पर कोई पछतावा नहीं होगा।
  7. यदि आप अपने बच्चे के संबंध में किसी चीज के बारे में अनिश्चित हैं तो दाई या डॉक्टरों की नियुक्ति करें। चाहे वह खान पान को लेकर हो या  संदिग्ध नैपी रैश हो।
  8. उन्हें नियमित रूप से स्नान कराएं, अपने बच्चे के शरीर पर धीरे से पानी डालें ताकि वह ठंडा न हो। स्नान के बाद, अपने बच्चे को तुरंत एक तौलिया में लपेटें, जिससे उसके सिर को ढंकना सुनिश्चित हो सके।
  9. यदि बच्चे आधी रात को जागते हैं, तो उठो और उनकी देखभाल करो। यदि आपने उन्हें खिलाया है, तो उन्हें हिलाओ सहलाओ, वे जल्द ही रात भर सोएंगे और सभी को पर्याप्त नींद मिलेगी।
  10. छोटे बच्चे औसतन 16 घंटे सोते है, पर छोटे छोटे ब्रेक में,सो उनके सोने से न घबराये और उनको एकांत प्रदान करे।  
  11. बाचो की मांग पर खाना दे। हम लोग तब कहते है जब हमको भूख लगती है, है ना? नवजात शिशु हम से और बाकी लोगों की तरह नहीं होते, वो तब तक खाते हैं जब तक वो बिल्कुल भरे हुए नहीं होते। जिसके बाद वो सहजता से खाना बंद कर देते हैं।
  12. नवजात शिशु का पाचन तंत्र छोटा है, आप उसकी तुलना न करें। एक नवजात शिशु को कुछ घंटों के बाद पोषण की आवश्यकता होती है। यदि उन्हें 4 घंटे से अधिक का पोषण नहीं मिलता है, तो वे नींद से जागृत हो जाते हैं।
  13. बच्चे को नहलाते समय या उसका कपडा बदलते समय, कभी भी बच्चे को अकेला न छोड़े। क्युकी पलक झपकते ही बच्चे आँखों के सामने से ओझल हो जाते है और ज़रा सी लापरवाही बहुत महंगी पद सकती है।  
  14. जब बच्चे ज़मीन पर एक बार रेंगना या घुटनो के बल चलने लगे, तो उन्हें ऐसा करने की अनुमति देते हैं, यह उन्हें तेजी से चलना शुरू करवाने में सहायता करेगा ।
  15. जब आप स्तनपान बंद करते हैं, तो बच्चे की डाइट में सभी प्रकार के खाद्य पदार्थों को शामिल करें। बहुत छोटे बच्चे को सभी प्रकार की सब्जियों, फलों, दाल इत्यादि के स्वाद और स्वादों के बारे में बताएं, इस तरह से आपके पास बाद में उधम मचाते बच्चे नहीं होंगे।
  16. निर्धारित समय पर बच्चो का टीकाकरण करवाए। बच्चो के लिए छोटी सी खांसी और खसरा भी खतरनाक साबित हो सकता है तो समय पर टीकाकरण करवाना बिलकुल न भूले ।
  17. शौचालय में ताला लगवाएं। क्युकी बच्चे बहुत ही तेजी से बढ़ते हैं और  रेंगते हैं। वे शौचालय पर खड़े हो सकते है और अंदर जाने की कोशिश करेंगे जिस से दुर्घटना हो सकती है। यह भी सुनिश्चित करें कि घर का बाथटब सूखा ही रहे, ताकि बच्चे पानी में न फिसल जाये।
  18. एक छोटा बॉक्स या बास्केट ला कर रखे और उसे  अपने बिस्तर के बगल में रखें, ताकि आप आसानी से जाग सकें अपने बच्चे के गीले कपड़े तुरंत बदल सके और उनको खिला सकें फिर वापस सो सकें। अक्लमंदी से काम करें, जब आप रात में बच्चे के कपड़ो को बदलते या खिलाते हैं  उस से आपकी या आपके साथी की नींद टूट सकती है।
  19. समयपूर्व पैदा हुए बच्चो को मालिश करने से वो तिक्रिया देते हैं। डॉक्टर से सलाह लेने के बाद अपने बच्चे की धीरे से मालिश करें। यह शिशु की वृद्धि और विकास में मदद करता है।
  20. अपने बच्चे को स्तन के दूध के साथ खिलाएं क्योंकि यह कुछ महीनों के लिए नवजात शिशु के पोषण का एकमात्र स्रोत है।
  21. डायपर बदलने पर लगातार जांच करते रहें। एक बच्चे को गीला डाइपर न पहन ने दे क्योंकि इससे चकत्ते हो जाएंगे। एक नवजात शिशु की त्वचा संवेदनशील होती है और यह गीले डायपर से चिढ़ जाती है।
  22. बच्चो से  उन भाषाओं या भाषाओं में बोलें, जिन्हें आप चाहते हैं कि वे शुरुआत में बहुत ही तेजतर्रार रहें।
  23. एक बार जब बच्चे चलना शुरू करते हैं, तो उन्हें अधिक उठा कर या गोदी नहीं ले जाना चाहिए। उन्हें स्वयं चलने और दौड़ने और चढ़ाई करने और जितना संभव हो उतना गिरने दें। इस से वे मजबूत और स्वस्थ होते हैं।
  24. अंत में सबसे ज़रूरी, समय निकलते और बच्चो के बड़े होने में ज्यादा टाइम नहीं लगता।  इसलिए अपने बच्चो की बचपन से ही खूब तस्वीरें ले , ताकि आप अपने बच्चो की बहुत ही अच्छी यादे जमा कर सके। जो आपको पूरी ज़िन्दगी हसती – रुलाती रहेगी।

तो उम्मीद करते है हमारी तरफ से ऊपर दी गयी पेरेंटिंग टिप्स (Parenting Tips) आपके लिए मददगार होंगी और आपको अपने बच्चे का ख्याल रखने में  सहायक साबित होगी। कमेंट कर आप भी हमे बताये की आपने अपने बच्चो को कैसे पाला पोषा और किस किस तरीके से उनके बचपन को अविष्मरणीय बनाया, हमे ज़रूर बताये।  

Also Read – How to crack interview in simple ways, check tips here

Also Read –

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
en_USEnglish