कोरोना वायरस

गुवाहाटी में लॉकडाउन, मुंबई और दिल्ली की हालत नाजुक और प्राइवेट हॉस्पिटलों का धंधा पड़ा मंदा।

देश की राजधानी दिल्ली में ICMR द्वारा टेस्ट बढ़ाने के साथ ही कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 84,000  पहुंच गयी है वही कन्टेनमेंट जोन बढ़कर 421 हो गए है। वही दूसरी ओर देश की कमर्शियल राजधानी मुंबई में भी लगातार नए केस मिलने की वजह से कुल कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 1,64,000  हो गयी है यह आँखड़े लगातार बढ़ते ही जा रहे है जिसकी वजह से इन मेट्रो सिटी निवासिओं की ज़िन्दगी डर के साये में गुजर रही है।

वही दूसरी ओर असम की राजधानी गुवाहाटी में कोरोनोवायरस के मामलों की बढ़ती संख्या से मुकाबला करने क लिए रविवार शाम 7 PM  से 14 दिन का लॉकडाउन शुरू हो गया है  जोकि 12 जुलाई को शाम 6 बजे तक रहेगा। गुवाहाटी अंतर्गत कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले में सभी वस्तुओं की दुकानों को भी बंद कर दिया गया। यहां तक ​​कि किराना, मांस और अन्य वस्तुओं की दुकानों को भी बंद करने का आदेश है केवल फार्मेसियों को कार्य करने की अनुमति दी गई है। अधिकारियों ने आवश्यक सेवाओं के लिए भी कोई वाहन पास जारी नहीं करने का फैसला किया है क्योंकि 25 मार्च से लागू देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान इसके दुरुपयोग के कई उदाहरण पाए गए थे।

जहा सरकार और सरकारी हॉस्पिटल और डॉक्टर्स कोरोना वारियर बन जनता की सेवा में लगे है वही लोगो की बिमारिओ का बिज़नेस करने वाले हॉस्पिटल्स का धंधा लॉकडाउन के बाद से ही ठंडा पद गया है। प्रमुख प्राइवेट हॉस्पिटल्स जैसे अपोलो अस्पताल, फोर्टिस हेल्थकेयर, और नारायण हृदयालय में लॉकडाउन का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया उनके मार्च तिमाही (Q4) के प्रदर्शन में भरी गिराव दर्ज किया गया है , कोविद -19 महामारी में न केवल आउट पेशेंट सेवाओं पर असर पड़ा, बल्कि वैकल्पिक सर्जरी को भी स्थगित कर दिया है, और इसके परिणामस्वरूप चिकित्सा पर्यटन में भारी नुकसान हुआ और आर्थिक रूप से बिज़नेस का बहुत नुकसान हुआ।

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